Rahat Indori Shayari PART 2

Rahat indori shayari 

स्वागत  है आप सभी का आपके अपने 

shayari on love

 

आप  सब ने Rahat indori shayari in hindi को इतना प्यार देने के लिए धन्यवाद ! आप सभी के कहने पर हम फिर हाज़िर है Rahat indori Shayari part 2 के साथ ,आशा करते है की आप इसे उससे भी जयादा  प्यार देंगे ..

तोह  आइये रूबरू होते हैं उनके कुछ ओर मशहूर शेरशायरी से ..

और अपनी मनपंसद शायरी को अपने दोस्तों और चाहने वालों को शेयर करते हैं  whatsapp or social media पर !


मेरे हुजरे में नहीं और कही पर रख दो , 
आसमा लाये हो ले आओ जमी पे रेख दो …

अब कहो ढूढने जाओगे हमारे कातिल ,
आप तो क़त्ल का इल्जाम हमे पे रख दो…

उसने जिस ताक पे कुछ टूटे दिए रखे है ,
चाँद तारो को भी ले जा कर वही पर रख दो…


 


कस्ती तेरा नसीब चमकदार कर दिया ,
इस पार के थपेड़ो ने उस पर कर दिया …

अफवाह थी की मेरी तबियत ख़राब है ,
लोगो ने पूछ पूछ के बीमार कर दिया…

दो गज सही मगर ये मेरी मिलकियत तोह है ,
ऐ मौत तूने मुझको ज़मीदार कर दिया…


 


नयी हवाओ की सोबत बिगाड़ देती है ,
कबूतरों को खुली छत बिगाड़ देती है…

और जो जुर्म करते है इतने बुरे नहीं होते ,
सजा ना देकर अदालत बिगाड़ देती है …

मिलाना चाहा है जब भी इन्सा को इन्सा से ,
तो सारे काम सिहासत बिगाड़ देती है…

हमारे पीर-तकी-मीर ने कहा था कभी ,
मिया ये आशकी इज्ज़त बिगाड़ देती है 


 


नदी ने धुप से क्या कह दिया रवानी में ,
उजाले पाँव पटकने लगे है पानी है ..
अब इतनी सारी सभों का हिसाब कोन करे ,
बड़े सबाब कमाए गए जवानी में …


 

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